पंडित निहाल जी के सान्निध्य में 40+ वैदिक पूजाएं। ऑनलाइन संकल्प, लाइव दर्शन और प्रसाद की होम डिलीवरी — देश-विदेश से हजारों यजमानों का विश्वास।

घर बैठे उज्जैन के सिद्ध मंदिरों में चढ़ावा अर्पण करें एवं दैनिक शुभ मुहूर्त जानें
हर पूजा — कुंडली विश्लेषण के बाद, शुभ मुहूर्त में, पूर्ण विधि-विधान से
कुंडली में जब सभी ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं, तो बनता है कालसर्प दोष। सुनने में डरावना लगता है? असल म…
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मांगलिक होना कोई अभिशाप नहीं — पर विवाह में देरी, वैवाहिक कलह या रिश्तों में तनाव इसके सामान्य लक्षण हैं। और स…
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घर में सब कुछ होते हुए भी सुख नहीं? पीढ़ी-दर-पीढ़ी एक जैसी समस्याएं — संतान बाधा, आर्थिक अस्थिरता, पारिवारिक क…
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बच्चे का जन्म अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल या रेवती नक्षत्र में हुआ है? तो ज्योतिष शास्त्र इसे गंडमूल …
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चंद्रमा अकेला पड़ जाए — आगे-पीछे कोई ग्रह न हो — तो बनता है केमद्रुम योग। परिणाम? मन की अशांति, निर्णय लेने मे…
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गुरु के साथ राहु या केतु बैठ जाएं, तो बनता है गुरु चांडाल दोष। गुरु यानी ज्ञान, धर्म और भाग्य — और राहु उसे भ्…
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मंगल और राहु की युति — ज्योतिष में इसे अंगारक योग कहते हैं। आग और धुएं का मेल। क्रोध बढ़ता है, दुर्घटनाओं का भ…
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जन्म कुंडली में सूर्य के साथ राहु या केतु की युति हो, तो सूर्य ग्रहण दोष बनता है। पिता से संबंध, सरकारी कार्य,…
विवरण देखें →वेबसाइट देखें या WhatsApp पर कुंडली भेजें — पंडित जी सही पूजा का परामर्श देंगे।
पंचांग और आपकी कुंडली के अनुसार शुभ तिथि निश्चित होती है।
आपके नाम-गोत्र से संकल्प — वीडियो कॉल पर आप स्वयं सम्मिलित होते हैं।
पूजा का लाइव दर्शन/रिकॉर्डिंग और प्रसाद कूरियर से घर तक।
हर पूजा का वीडियो प्रमाण — हमारे Instagram पर प्रतिदिन महाकाल दर्शन
बेटी के विवाह में बार-बार अड़चन आ रही थी। पंडित जी ने कुंडली देखकर मंगलनाथ में भात पूजा कराई। छह महीने में रिश्ता तय हो गया। पूरी पूजा का वीडियो भी मिला — व्यवस्था बहुत पारदर्शी है।
कालसर्प दोष की पूजा के लिए उज्जैन आना संभव नहीं था। ऑनलाइन संकल्प से पूजा हुई, लाइव दर्शन मिले और प्रसाद घर पहुंचा। मन को बहुत शांति मिली।
पिताजी की गंभीर बीमारी में सवा लाख महामृत्युंजय जाप कराया। पंडितों की टोली ने 9 दिन में विधिवत जाप पूर्ण किया। आज पिताजी स्वस्थ हैं — महाकाल की कृपा।
व्यापार में लगातार घाटा चल रहा था। पंडित जी ने पहले कुंडली देखी, फिर सही पूजा बताई — बिना डराए, बिना अनावश्यक खर्च कराए। यही बात सबसे अच्छी लगी।
विदेश से नारायण बलि पूजन कराया था। हर चरण की जानकारी WhatsApp पर मिलती रही। इतनी दूर बैठकर भी लगा कि हम स्वयं क्षिप्रा तट पर उपस्थित हैं।
बेटे के जन्म पर गंडमूल शांति और नामकरण दोनों कराए। पंडित जी ने नक्षत्र के अनुसार नाम का अक्षर भी बताया। बहुत ही आत्मीय व्यवहार।
निःशुल्क कुंडली परामर्श — पंडित जी से सीधे बात करें