पूजा का महत्व
बच्चे का जन्म अश्विनी, आश्लेषा, मघा, ज्येष्ठा, मूल या रेवती नक्षत्र में हुआ है? तो ज्योतिष शास्त्र इसे गंडमूल जन्म कहता है। घबराने की बात नहीं — जन्म के 27वें दिन या शुभ मुहूर्त में गंडमूल शांति पूजा से इस दोष का पूर्ण निवारण होता है। माता-पिता और शिशु, तीनों के कल्याण के लिए यह पूजा की जाती है।
पूजा पैकेज चुनें — ऑनलाइन बुकिंग
अपने परिवार के अनुसार पैकेज चुनें। भुगतान Razorpay के सुरक्षित पेमेंट लिंक से होता है — UPI, कार्ड, नेट बैंकिंग सभी स्वीकार्य।
व्यक्तिगत
- 1 भक्त का नाम व गोत्र संकल्प में
- पंडित जी संकल्प में आपका नाम-गोत्र पुकारेंगे
- पूजा की पूर्ण वीडियो रिकॉर्डिंग 3-4 दिन में
- WhatsApp पर पूजा से पहले व बाद की अपडेट
दंपति
- आप व आपके जीवनसाथी का नाम-गोत्र संकल्प में
- पंडित जी संकल्प में दोनों नाम पुकारेंगे
- पूजा की पूर्ण वीडियो रिकॉर्डिंग 3-4 दिन में
- WhatsApp पर पूजा से पहले व बाद की अपडेट
परिवार
- परिवार के 4 सदस्यों के नाम व गोत्र संकल्प में
- पंडित जी संकल्प में सभी नाम पुकारेंगे
- पूजा की पूर्ण वीडियो रिकॉर्डिंग 3-4 दिन में
- प्रसाद बॉक्स होम डिलीवरी सम्मिलित
संयुक्त परिवार
- 11 सदस्यों तक के नाम व कुल-गोत्र संकल्प में
- विशेष संकल्प — पंडित जी सभी नाम पुकारेंगे
- पूजा की पूर्ण वीडियो रिकॉर्डिंग 3-4 दिन में
- प्रसाद बॉक्स होम डिलीवरी + विशेष चढ़ावा सम्मिलित
🔒 100% सुरक्षित भुगतान · भुगतान के बाद WhatsApp पर नाम-गोत्र व संकल्प विवरण भेजें · पूजा की वीडियो रिकॉर्डिंग 3-4 दिन में
यह पूजा किसे करानी चाहिए?
- शिशु का जन्म गंडमूल नक्षत्र में हुआ हो
- जन्म के बाद घर में अचानक परेशानियां बढ़ी हों
- माता-पिता के स्वास्थ्य या व्यवसाय पर प्रभाव दिखे
- ज्योतिषी ने मूल शांति की सलाह दी हो
पूजा के लाभ
- शिशु के जीवन से नक्षत्र दोष की शांति
- माता-पिता पर अशुभ प्रभाव का निवारण
- बालक के स्वास्थ्य और बुद्धि का विकास
- पारिवारिक सुख-समृद्धि
पूजा विधि एवं व्यवस्था
पूजा से पूर्व पंडित जी आपकी कुंडली का विश्लेषण कर शुभ मुहूर्त निकालते हैं। पूजा के दिन गणपति पूजन और पुण्याहवाचन से आरंभ होता है, फिर आपके नाम-गोत्र से संकल्प लिया जाता है — वीडियो कॉल पर आप स्वयं सम्मिलित हो सकते हैं। इसके बाद मुख्य विधान: मंत्र जाप, पूजन, हवन और पूर्णाहुति। समस्त पूजन सामग्री, हवन सामग्री और ब्राह्मण व्यवस्था हमारी ओर से रहती है।
पूजा संपन्न होने पर आपको पूर्ण रिकॉर्डिंग भेजी जाती है और प्रसाद कूरियर से आपके घर पहुंचता है — भारत में 5-7 दिन, विदेश में 10-15 दिन।
बुकिंग के 4 सरल चरण
वेबसाइट देखें या WhatsApp पर कुंडली भेजें — पंडित जी सही पूजा का परामर्श देंगे।
पंचांग और आपकी कुंडली के अनुसार शुभ तिथि निश्चित होती है।
आपके नाम-गोत्र से संकल्प — वीडियो कॉल पर आप स्वयं सम्मिलित होते हैं।
पूजा का लाइव दर्शन/रिकॉर्डिंग और प्रसाद कूरियर से घर तक।
